रानीखेत स्थापना स्थल ! किवदंती है कि कत्युरी वंश के राजा
सुधारदेव की रानी पद्मावती ग्रीष्मकालीन प्रवास हेतु इस स्थल (रानीखेत) मैं हरे
भरे खेतों मैं आकर विश्राम करती थी ! रानी इस स्थान की सुन्दरता से अभिभूत हो गई !
इस कारण राजा सुधारदेव ने इस स्थान पर एक महल की स्थापना कर डाली ! रानी द्वारा
खेतों मैं आकर प्रवास करने के कारण ही इस स्थान का नाम रानी-खेत (Queen’s
Field) पड़ा ! उस
समय राजा जिस स्थल पर भी विजय प्राप्त करते थे उस स्थान पर राज्य की सरहद पर
ख़ूबसूरत स्तंभों का निर्माण कर दिया करते थे ! इन्हीं स्तंभों मैं से एक स्तंभ
सोमनाथ ग्राउंड के पास अल्मोड़ा को जाने वाले सड़क तथा यदुनाथ द्वार के बीच रानीखेत
मैं भी स्थापित था ! इस स्तंभ को धार्मिक विधि विधान के साथ सेना ने शिव मंदिर के
समीप एक नए खूबसूरत मंदिर मैं सितम्बर, 2015 को शिवलिंग के रूप मैं स्थापित कर दिया ! इस स्तम्भ
मैं विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा उकेरी गयी है ! जानकार लोग कहते हैं कि यह
स्तंभ सन 1,450 या पहले स्थापित किये गए होंगे ! इसलिए इस स्थान को रानीखेत की
स्थापना का स्थल कहा जाता है !
वर्तमान मंदिर के अन्दर का द्रश्य तथा पुराना मंदिर जो शिफ्ट किया गया !
वर्तमान मंदिर के अन्दर का द्रश्य तथा पुराना मंदिर जो शिफ्ट किया गया !
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